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भारतीय शिक्षा समिति , उत्तर प्रदेश में आपका स्वागत हैं

बालक ही हमारी आशाओं का केंद्र है । वही हमारे देश, धर्म एवं संस्कृति का रक्षक है । उसके व्यक्तित्व के विकास में हमारी संस्कृति एवं सभ्यता का विकास निहित है । आज का बालक ही कल का कर्णधार है । बालक का नाता भूमि एवं पूर्वजों से जोड़ना, यह शिक्षा का सीधा, सरल तथा सुस्पस्ट लक्ष्य है । शिक्षा और संस्कार द्वारा हमें बालक का सर्वांगीण विकास करना है । बस यही स्वप्न लेकर इस शिक्षा क्षेत्र को जीवन साधना समझकर 1952 में, संघ प्रेरणा से कुछ निष्ठावान लोग इस पुनीत कार्य में जुट गए। आज विद्या भारती भारत में सबसे बड़ा गैर सरकारी शिक्षा संगठन बन है । यह शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ी अशासकीय संस्था है ।

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समाचार

Application Fee Rs. 300/- : Application Fee Rs. 300/-
03/03/2025

Application Fee Rs. 300/- : Application Fee Rs. 300/-
03/03/2025

बिरसा मुंडा जयन्ती कार्यक्रम : बिरसा मुंडा जयन्ती कार्यक्रम
16/11/2024

आचार्य विकास वर्ग २०२४ : संकुल स्तरीय आचार्य विकास वर्ग २०२४, सरस्वती विद्या मंदिर देवरिया
13/11/2024

अटल टिंकरिंग लैब छात्रों में नवाचारी सोच और अभियांत्रिक मनोबल को बढ़ाता है : गोविन्द चन्द्र महंत : अटल टिंकरिंग लैब छात्रों में नवाचारी सोच और अभियांत्रिक मनोबल को बढ़ाता है : गोविन्द चन्द्र महंत आई आई टी दिल्ली में अटल इनोवेशन एग्जीविशन में विद्या मंदिर रामबाग बस्ती के प्रोजेक्ट का टॉप -20 में चयन।
11/11/2024

अभिभावक गोष्ठी : अभिभावक गोष्ठी
23/10/2024

विद्या मंदिर के छात्र का M.B.B.S. में चयन : विद्या मंदिर के छात्र का M.B.B.S. में चयन
07/09/2024

शिक्षक दिवस समारोह २०२४ : शिक्षक दिवस समारोह २०२४
05/09/2024

मेजर ध्यानचंदजयन्ती एवं रास्ट्रीय खेल दिवस २०२४ : कल दिनांक 29.8.2024 को हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती एवम राष्ट्रीय खेल दिवस पर सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्या मंदिर देवरिया खास देवरिया में छात्रों के बीच मैत्री फुटबॉल मैच वालीबाल , कुश्ती एवं कबड्डी खेल का आयोजन किया गया ।
30/08/2024

भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस : भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
14/08/2024

हमारा लक्ष्य.

इस प्रकार की राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली का विकास करना है जिसके द्वारा ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण हो सके जो हिन्दुत्वनिष्ठ एवं राष्ट्र भक्ति से ओत प्रोत हो, शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से पूर्ण विकसित हो तथा जो जीवन की वर्तमान चुनौतियों का सामना सफलता पूर्वक कर सके और उसका जीवन ग्रामों, वनों, गिरिकन्दराओं एवं झुग्गी-झोपड़ियों में निवास करने वाले दीन-दुःखी, अभावग्रस्त अपने बान्धवों को सामाजिक कुरीतियों, शोषण एवं अन्याय से मुक्त कराकर राष्ट्र जीवन को समरस, सुसम्पन्न एवं सुसंस्कृत बनाने के लिए समर्पित हो।

  • कार्य विस्तार की वर्तमान स्थिति
  • कार्य विस्तार लक्ष्य 2022 तक
  • कार्य विस्तार लक्ष्य 2025 तक

चित्र विथिका